Devkar Saheb Ji,


सादर साहेब बंदगी !

मेरा नाम देवकर साहेब है।मेरा जन्म 15 अप्रेल 1990 को छत्तीसगढ़ के जिला धमतरी के एक छोटे से ग्राम खिसोरा में हुआ। 

मैं एक सफल निजी संस्था “श्रीच्यवनआयुर्वेद” का संस्थापक हूँ, जिसमें मेरा उद्देश्य जन- कल्याण के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करना है।

सामाजिक जीवन परिचय :

बचपन से हर क्षेत्र में मेहनत के बलबूते अपने सपनो को साकार करने का प्रण, स्वतः ही अपने गांव में मेरी छवि सदैव दूसरों को प्रेरित करती रही। वर्ष 2004 में माध्यमिक शिक्षा में पूरे तहसील में प्रथम स्थान प्राप्त कर यह गरिमा मैंने बरकरार रखी।

बचपन से भगतसिंह की कहानी से प्रेरित होते हुए यह बात घर कर गई थी की "देश के प्रति कुछ करने के लिए उम्र नहीं नीयत मायने रखती है"। चूँकि परिवार में कबीर साहेब के सिद्धांतों का सर्वाधिक प्रभाव था। अतः मैंने पूज्य गुरुदेव श्री असंग देव जी से दीक्षा लेकर संत प्रदाय तथा देश को अपना जीवन सौंप दिया।

वर्ष 2009 में गुरुदेव के आदेशानुसार मुझे अपनी जन्मभूमि छत्तीसगढ़ के प्रति मेरी विशेष सद्भाव को देखते हुए पुनः सेवा का अवसर देते हुए आश्रम का सम्पूर्ण कार्यभार मुझे सौंपा गया।

विगत 14 वर्षों में मैंने आश्रम में ही 500 से अधिक गौवंश की सेवा प्रति उचित व्यवस्था की। अपने निवास स्थान से सम्बन्धित गावों के नियमित व्यवस्था तथा कल्याण के प्रति स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर आदर्शग्राम की रूपरेखा गढ़ी।

मैं भूमिदान, शिक्षादान, संकल्पदान, श्रमदान, नेत्रदान, रक्तदान तथा निःशुल्क चिकित्सा शिविर जैसे कार्यक्रमों के प्रति कार्यरत रहा।

राजनीतिक जीवन :

मेरे पिताजी श्री तारन लाल साहू सहित सभी जन-सम्बन्धी भारतीय जनता पार्टी के नीति और रीति से प्रभावित थे; अतःमुझे स्वतः भाजपा के प्रति बचपन से ही लगाव रहा।

 बाल्यकाल में, स्थानीय चुनावों में स्लोगन लिखना, पोस्टर आदि चिपकाने जैसे कार्य में मैं अपने पिता के सहयोग से सदैव अग्र कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता था।

वर्ष 2009 से 2019 के मध्य छत्तीसगढ़ में "रमन सरकार " के नेतृत्व में विभिन्न कार्यक्रम तथा योजनाओं में एक सहयोगी के रूप में कार्य किया।

वर्ष 2014 विधान सभा चुनाव में मेरी भूमिका अपने क्षेत्रों में विशेष रही,जिसके परिणाम स्वरुप मेरे कार्य क्षेत्र में भाजपा सदैव विजयी रही।

 समय दर समय केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे - आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना, आयुष्मान योजना, बीमा योजना, जन धन योजना, आवास योजना, अटल पेंशन योजना, अंतर्राष्ट्रीय योग, वोकल फॉर लोकल इत्यादि को जमीनी स्तर पर विभिन्न मंचों के माध्यम से सफल बनाने का अथक प्रयास किया।

 Covid - 19 महामारी के दौरान अस्पताल पहुंच को सफल बनाने हेतु 8 महीनों के लिए आश्रम से 4 गाड़ी को निःशुक्ल स्व खर्चों पर समर्पित किया।

"भोजन दान जन कल्याण" स्लोगन के साथ महामारी के दौरान कई स्थानीय जन के साथ- साथ अनेक अस्पतालों में निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की ।

राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण हेतु विशेष योगदान के लिए "हर घर राम " के नारे के साथ आश्रम सहित घर - घर से चंदा इकठ्ठा कर, मंदिर के नींव निर्माण में अपनी आहुति दी।

 एक अथक कार्यकर्ता के रूप में मैं कल,वर्तमान और आने वाले कल में भाजपा के लिए पूर्णरूप से सदैव कार्यरत रहूँगा।

मेरा उद्देश्य:

 विदित है, मैं एक कबीर पंथीय सन्यासी संत हूँ अतः मैं सदैव जाति, विजाति से परे, कार्यबल, शिक्षा तथा ज्ञान को महत्व देता हूँ।

जब भी मैं एक अधिकारी, कार्यकर्त्ता या सेवक के रूप में निर्णय लेता हूँ मुझे कबीर के दोहे सदैव स्मरण रहते हैं ।जो हैं "कबीर जब हम पैदा हुए, जग हंसा हम रोए, ऐसी करनी कर चलो, हम हंसे जग रोए।"